रुद्रपुर। बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने और उत्तराखंड के विद्यालयों में बांग्ला भाषा लागू करने की मांग को लेकर रुद्रपुर स्थित रविंद्रनाथ टैगोर पार्क में चल रहे ‘आरक्षण हमारा अधिकार’ आंदोलन को रविवार को नया समर्थन मिला। धरने के 37वें दिन प्रमुख मजदूर नेता दलजीत सिंह अपनी टीम के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे और समर्थन जताया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्णिया के पूर्व विधायक स्वर्गीय अजीत सरकार की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके योगदान को याद किया। मजदूर संगठन के कार्यकारिणी अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि मातृभाषा किसी भी समाज की पहचान और संस्कृति का आधार होती है। उन्होंने बंगाली समाज की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि भाषा और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी समाजों को एकजुट होना चाहिए। साथ ही गुरुमुखी सहित अन्य मातृभाषाओं को भी शिक्षा व्यवस्था में सम्मानजनक स्थान दिए जाने की मांग की। धरने का नेतृत्व कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सुब्रत कुमार विश्वास ने समर्थन देने पहुंचे संगठनों और लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने देशभर में बंगाली समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग दोहराई। सभा में उपस्थित बुद्धिजीवियों ने भी आंदोलन का समर्थन किया। स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। इस दौरान संजीव बाला, नितिन विश्वास, अशोक कुमार, शुभम कुमार हलदार, विप्रो मंडल, सुजल मंडल, गुलाबचंद, दीपक विश्वास, मिथुन दास, विनोद तोमर सहित विभिन्न सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।