डूबी रकम वापसी की मांग को लेकर ठगी पीड़ितों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विभिन्न कंपनियों में जमा धनराशि डूबने से प्रभावित ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारों ने अपनी रकम वापस न मिलने पर गहरा आक्रोश जताया है। पीड़ितों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से आंदोलन और ज्ञापनों के माध्यम से धन वापसी की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव शास्त्री के नेतृत्व में ठगी पीड़ित तहसील परिसर पहुंचे और उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि ठगी पीड़ितों की जमा पूंजी वापस कराने के उद्देश्य से अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम-2019 (बड्स एक्ट) लागू किया गया था। अधिनियम में पीड़ितों को जमा धनराशि का तीन गुना तक वापस दिलाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए मंडलायुक्त, जिला कलेक्टर समेत सक्षम अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए थे। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कानून लागू होने और संबंधित प्रावधानों को बने सात वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी भी ठगी पीड़ित को उसकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है। उन्होंने इसे कानून की भावना और प्रावधानों का उल्लंघन बताया। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की गई कि वे मामले में सीधे हस्तक्षेप कर बड्स एक्ट-2019 के तहत प्रभावित जमाकत्र्ताओं की डूबी हुई रकम का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराएं। इस अवसर पर इंदू देवी, कल्पना रावत, गजे सिंह रावत, कल्पना मजेड़ा, महेंद्र सिंह रावत और विजय लक्ष्मी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।