जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रखंड दुगड्डा के अंतर्गत राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्यालिंगा को बंद किए जाने के निर्णय पर स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति व ग्रामीण ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि पहाड़ में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर कार्य किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने इस संबंध में तहसील पहुंचकर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालय में छात्र संख्या भले ही कम हो, लेकिन यह पूर्णत: छात्र विहीन नहीं है। ऐसे में विद्यालय बंद होने से आसपास के बच्चों को कई किलोमीटर दूर पढ़ाई के लिए जाना पड़ेगा, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र का एकमात्र शिक्षण संस्थान है, जहां गरीब परिवारों के बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय बंद होने से कई बच्चों के स्कूल छोड़ने की नौबत आ सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग द्वारा सत्र प्रारंभ होने के बाद विद्यालय बंद करने की सूचना दी गई, जबकि पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से विद्यालय को यथावत संचालित रखने की मांग की है। इस मौके पर गंभीर सिंह असवाल, सतेंद्र सिंह, नारायण सिंह नेगी, केसीराम निराला, प्रवीण सिंह, संजय, रवींद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।