कोटद्वार-पौड़ी

अंकिता हत्यकांड : पटवारी वैभव प्रताप सस्पेंड, एसडीएम लैंसडौन को सौंपी जांच, थलीसैंण अटैच

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : पौड़ी जिले की यमकेश्वर तहसील के उदयपुर पल्ला-2 के पटवारी वैभव प्रताप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है। अंकिता हत्याकांड को लेकर पटवारी वैभव प्रताप पर इस गंभीर प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाए जाने, उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराए बिना ही अवकाश पर जाने जैसे आरोप लगे थे।
घटना के बाद से सोशल मीडिया और विपक्ष ने पटवारी वैभव सिंह की भूमिका पर सवाल उठाये थे। परिजनों ने भी पटवारी की भूमिका को संदिग्ध बताया। इसके बाद पटवारी वैभव प्रताप की भूमिका को लेकर जिलाधिकारी ने एसडीएम यमकेश्वर को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। अब एसडीएम यमकेश्वर की प्रांरभिक जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षक वैभव प्रताप को सस्पेंड कर दिया है। वैभव प्रताप को तहसील थलीसैंण से अटैच करते हुए, इस मामले की जांच एसडीएम लैंसडौन को सौंपी दी है। अंकिता की गुमशुदगी को लेकर बरती गई लापरवाही पर इससे पूर्व चार्ज पर रहे पटवारी विवेक कुमार को निलंबित किया जा चुका है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में उदयपुर पल्ला -2 में तैनात राजस्व उपनिरीक्षक वैभव प्रताप की लापरवाही की पुष्टि हुई है। करीब दो पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब 19 सितंबर को ही वैभव प्रताप को अंकिता की गुमशुदगी का पता लग गया और उन्होंने इस मामले में अंकिता के परिजनों से भी बात कर ली थी। इसके उपरान्त भी संबंधित राजस्व उप निरीक्षक वैभव प्रताप सिंह के द्वारा इस संबंध में कोई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की गयी और उच्चाधिकारियों को कोई जानकारी भी नहीं दी गयी। इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद भी अवकाश पर चले गये। उन्होंने अपना अवकाश स्वीकृत करवा लिया। वैभव प्रताप 20 से 23 सितंबर तक अवकाश पर रहे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पटवारी वैभव प्रताप को पहले भी कई मामलों में चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इतने गंभीर प्रकरण को लेकर उन्होंने फिर लापरवाही बरती। पौड़ी के जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट में प्रथमदृष्ट्या लापरवाही सामने आई है। यह गंभीर प्रकरण है, लेकिन लापरवाही के कारण छवि भी धुमिल हुई है। जिलाधिकारी के मुताबिक पटवारी वैभव प्रताप को निलंबित करते हुए तहसील थलीसैंण से अटैच कर दिया गया है। साथ ही इस प्रकरण में गहन और विस्तृत जाँच हेतु उपजिलाधिकारी लैंसडौन को जाँच अधिकारी नामित किया गया है।

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