नैनीताल। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अधिवक्ता के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने अधिवक्ता को अंतरिम राहत न देते हुए मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को भेज दिया। अब मामले की सुनवाई दूसरी पीठ करेगी। अभियुक्त मनीष अरोड़ा अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में जेल में बंद है। नैनीताल के जिला सत्र न्यायाधीश ने उसे 2019 में आजीवन कारावास की सजा सुनवाई थी। उस पर यह भी आरोप है कि जब मृतक को बीडी पांडे जिला अस्पताल लाया गया था, तो अभियुक्त द्वारा बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को नैनीताल से हरिद्वार ले जाया गया।
जबकि यह पूरा पुलिस केस था। पत्नी की मौत अप्राकृतिक तरीके से हुई थी। अस्पताल से ले जाते वक्त अभियुक्त द्वारा डिस्चार्ज स्लिप तक नहीं ली गई। जबरदस्ती शव को अस्पताल से उठाया गया। वहीं, उसकी तरफ से कहा गया कि वह 2019 से जेल में बंद है। अभी तक उसे अग्रिम जमानत तक नहीं मिली है। उसके बूढ़े माता-पिता हैं। कोर्ट ने उसे कोई राहत न देते हुए मामला सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को भेज दिया है।