चमोली(आरएनएस)। हाईवे पर किए गए निर्माण कार्य की पहली ही बारिश में पोल खुल गई है। यहां लगातार दो दिन की बारिश में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे तालाब में तब्दील हो गया है। वहीं कई जगहों पर डामर उखड़ गया है और पुश्ते कमजोर पड़ गए हैं। ऐसे में बदरीनाथ धाम जाने और लौटने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है और कई बाइक सवार फिसलकर चोटिल भी हो रहे हैं। स्यूण-बैमरु के ग्राम प्रधान रविंद्र नेगी और राकेश नवानी का कहना है कि क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। हाल ही में यहां चट्टान का ट्रीटमेंट और सड़क पर डामरीकरण किया गया था लेकिन पहली ही बारिश में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क किनारे बने पुश्ते कमजोर पड़ने लगे हैं और कई जगहों पर डामर उखड़ने लगा है। नरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण हाईवे पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालक सावधानी से आवाजाही कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से जल्द स्थायी समाधान की मांग की।
मई माह की बारिश में बरसात जैसी स्थिति
कर्णप्रयाग। नगर में नियोजन और नीति के अभाव में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मई की बारिश ने ही अगस्त-सितंबर जैसी स्थिति होने लगी है जिससे स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ढलान पर बसावट के बावजूद स्कपर बंद होने और नालियों की खराब स्थिति से पानी सड़कों पर बह रहा है। व्यापारी लखपत सगोई और देवेंद्र सिंह ने बताया कि नैनीताल हाईवे पर स्कपर बंद होने से अपर बाजार का पानी मुख्य बाजार की दुकानों में घुस गया है। वहीं राजनगर में देवी प्रसाद मैखुरी ने बताया कि एनएचआईडीसीएल की ओर से सड़क चौड़ीकरण के साथ नालियां न बनाने से पुरानी नालियों में जलभराव हो रहा है। इसकी शिकायत कई बार प्रशासन से की जा चुकी है। मगर इसका समाधान नहीं हो पाया। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह का कहना है कि विकास के लिए जल्द योजना तैयार की जा रही है। ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सिंचाई विभाग ने एक ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इस पर काम जल्द शुरू होगा, जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिल सकेगी।