लोक गायक सौरभ मैठाणी के गीतों पर झूमे श्रोता

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में आयोजित मेले के दौरान लोक गायक सौरभ मैठाणी की आवाज का जादू देखने को मिला। लोक गायक के गीतों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति व पेशावर कांड की 96वीं पुण्य तिथि पर ग्रास्टनगंज में मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए दिया गया वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम सभी को वीर महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। इस दौरान उन्होंने पेशावर कांड के इतिहास के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इसके उपरांत लोकगायक सौरभ मैठाणी ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने मैं पहाड़ कु रैबासी तू दिल्ली रौंण वाली.., ऊंचा-ऊंचा सैंडिल…, सचि बूनऊ छो… सहित अन्य गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक श्रोता लोकगायक सौरभ मैठाणी के गीतों पर झूमते रहे। इस दौरान मेले में बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को लेकर पहुंचे हुए थे। मेले के दौरान 27 अप्रैल को लोकगायिका मंजू नौटियाल व 30 अप्रैल को गजेंद्र राणा अपने गीतों की प्रस्तुति देंगे।

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