देहरादून में निवेश के नाम पर एक कंपनी द्वारा करीब 25 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी ने हर महीने 5 से 10 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच देकर लोगों से भारी रकम वसूली। पीड़ितों की शिकायत पर मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी और उसके पांच साथियों के खिलाफ रायपुर थाने में धोखाधड़ी व अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी तीन माह पहले विदेश भाग चुका है। किद्दूवाला निवासी दुर्गा बहादुर गुरुंग ने तहरीर दी कि आरोपी नेगी ने दो साल पहले कंपनी को वैध बताकर निवेश के लिए प्रलोभित किया था। निवेशकों से व्यक्तिगत गारंटी दी गई और कहा गया कि छह महीने बाद मूल राशि बिना कटौती के वापस मिल जाएगी। इसके लिए बिजनेस आईडी और 10 हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क भी वसूला गया। कंपनी ने नामी होटलों में सेमिनार और ऑनलाइन मीटिंग आयोजित कर भरोसा दिलाया। इस ठगी का शिकार रायपुर के अलावा नथुवावाला, बालावाला, अजबपुर कलां और गढ़ी कैंट जैसे इलाकों के लोग भी हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और ठगी का आंकड़ा अन्य जिलों में भी बढ़ सकता है। इससे पहले एलयूसीसी नाम की कंपनी ने निवेश के नाम पर 400 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। शुरुआत में निवेशकों को बिहारीगढ़ में प्लॉट और आगामी तिथि के चेक देने का भरोसा भी दिलाया गया, जो बाद में छलावा साबित हुआ। अक्टूबर 2025 में कंपनी अचानक बंद हो गई और निवेशकों को रकम लौटाने का झांसा दिया जाता रहा। शुरुआती शिकायत में 20-25 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है, लेकिन राज्य स्तर पर यह रकम और बढ़ सकती है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।