ब्रह्ममुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हुए चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट

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चमोली। चमोली जिले में समुद्रतल से 11808 फीट की ऊंचाई पर स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। देर शाम बाबा रुद्रनाथ की चलविग्रह उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो गई। कार्तिक संक्रांति पर ब्रह्ममु़हूर्त में पूजा-अर्चना के बाद मुख्य पुजारी वेदप्रकाश भट्ट ने धाम के कपाट बंद किए। इससे पूर्व, मंदिर में यज्ञ-हवन के बाद बाबा रुद्रनाथ के विग्रह को गंगाजल, घी, दूध, दही व शहद से स्नान कराया गया। जबकि, स्थानीय ग्रामीणों व हक-हकूकधारियों ने ओखली में कूटकर लाया गया धान बाबा को अर्पित किया। इसके बाद बाबा का बाघंबर समेत हिमालयी पुष्पों से श्रृंगार कर उन्हें शीतकाल की अवधि के लिए समाधि में विराजमान किया गया। इस मौके पर लगभग सौ श्रद्धालु धाम में मौजूद थे। उधर, कपाट बंद होने के बाद बाबा की चलविग्रह उत्सव डोली पनार, सगर समेत अन्य स्थानों से होते हुए देर शाम अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने बाबा की पूजा-अर्चना कर उन्हें नवान्न (नए अनाज) का भोग लगाया। इस मौके पर रुद्रनाथ मंदिर समिति के सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।

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