रुड़की। तहसील प्रशासन ने बुधवार को पुलिस के साथ संयुक्त रूप से नारसन बॉर्डर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हो हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देते हुए जल्द कब्जा हटाने के निर्देश दिए। प्रशासनिक कार्रवाई से अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा रहा। चारधाम यात्रा सीजन पूरे चरम पर है। हजारों की संख्या में अन्य राज्यों के वाहन प्रतिदिन प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं। नारसन बॉर्डर प्रदेश का प्रवेश द्वार है। जिसके यहां सबसे ज्यादा यातायात नजर आता है और अतिक्रमण के चलते यहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बुधवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर अपर तहसीलदार रुड़की शुभांगिनी के नेतृत्व में प्रशासनिक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व पुलिस टीम नारसन बॉर्डर पर पहुंची और जेसीबी की मदद सड़क किनारे लगाए अस्थायी ढांचे, टीन शेड, खोखे और अन्य अवरोधों को हटाया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी और अभियान को जारी रखा। यही नहीं प्रशासन की ओर से मौके पर लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा कर स्थायी अतिक्रमण करने वालों को स्वयं कब्जे हटाने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाएगा और संबंधित व्यक्तियों से कार्रवाई का खर्च भी वसूलेगा। अपर तहसीलदार शुभांगिनी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए आगे भी नियमित रूप से अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक भूमि पर कब्जा न करें और प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें। इस मौके पर कानूनगो ओमप्रकाश कानून व अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।