देहरादून। हिमाचल प्रदेश में बाघ की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरा ट्रैप में तेंदुए की तस्वीर कैद होने से वन विभाग सतर्क हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक ने क्षेत्र का दौरा किया और टीम ने पांवटा साहिब वन प्रभाग में भी कैमरा ट्रैप लगाए। राजाजी टाइगर रिजर्व के माध्यम से भी हिमाचल के पांवटा साहिब वन मंडल में बाघ को लेकर कैमरा ट्रैप लगाया गया था, उसमें फिलहाल तेंदुए का फोटो कैप्चर हुआ है। अब राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम दूसरे स्थानों पर कैमरा ट्रैप को लगाएगी। यहां पर जल्द ही राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक दौरा कर सकते हैं। पांवटा साहिब वन मंडल में 10 जून को एक फोटो में बाघ के होने का पता चला था, पर फोटो बहुत साफ नहीं था। इसके बाद जंगल में बाघ की उपस्थिति के अन्य प्रमाण मिले थे। माना जा रहा है कि पांवटा साहिब वन मंडल में बाघ राजाजी जी टाइगर रिजर्व से पहुंचा है। ऐसे में यहां की टीम भी हिमाचल वन विभाग के साथ संपर्क में है, साथ ही सहयोग करने के लिए भी बीते हिमाचल गई थी। टीम ने बाघ की उपस्थिति को पता करने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए थे। दस दिन पहले लगे कैमरा ट्रैप को खोला गया, तो उसमें तेंदुए का फोटो कैप्चर हुआ है। पांवटा साहिब वन प्रभाग के एसीएफ आदित्य बताते हैं कि छह कैमरा ट्रैप लगाए गए थे, अब इनकी संख्या को बढ़ाने के साथ अन्य जगहों पर भी लगाया जाएगा।