कैबिनेट मंत्री ने बेलनी में प्रस्तावित सेतु के निर्माण को लेकर प्रभावितों एवं व्यापारियों के साथ की बैठक
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : जनपद रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग-107 (पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-109) पर बेलनी में पुराने स्टील सेतु के स्थान पर प्रस्तावित 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु के निर्माण को लेकर मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। बैठक में सेतु निर्माण से प्रभावित होने वाले भवन स्वामियों, स्थानीय व्यापारियों एवं अन्य संबंधित लोगों की समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बेलनी सेतु का निर्माण क्षेत्र की दीर्घकालिक यातायात एवं कनेक्टिविटी आवश्यकताओं को देखते हुए महत्वपूर्ण परियोजना है। नए सेतु के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों एवं यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के कारण किसी भी व्यक्ति की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।

बैठक में बताया गया कि वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत एनएच-107 (पुराना एनएच-109) के किमी. 1.00 बेलनी में 60 वर्ष पुराने स्टील सेतु के स्थान पर एप्रोच सहित 85.68 मीटर स्पैन के नए सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। प्रस्तावित सेतु की लंबाई 85.68 मीटर है तथा यह पुराने सेतु के अपस्ट्रीम साइड में निर्मित किया जाएगा। कार्य के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की स्वीकृत लागत लगभग 33.05 करोड़ रुपये है। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दृष्टि से नए सेतु का निर्माण महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों एवं स्थानीय व्यापारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार मुआवजा एवं पुनस्र्थापना की कार्रवाई पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने प्रस्तावित मुआवजा एवं प्रभावित परिसंपत्तियों के आकलन को पुन: परीक्षण/पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि प्रभावितों को नियमानुसार उचित लाभ मिल सके। बैठक में स्थानीय व्यापारियों ने सेतु निर्माण के दौरान उनकी दुकानों एवं व्यवसाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जानकारी कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखी। व्यापारियों ने कहा कि निर्माण अवधि के दौरान यदि वर्तमान व्यवसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित होते हैं तो उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है। बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित संबंधित अधिकारी, प्रभावित क्षेत्र के लोग एवं स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।