नैनीताल। नगर पालिका बोर्ड की बहुप्रतीक्षित बैठक में शनिवार को पालिकाध्यक्ष की मौजूदगी में सभासदों, अधिशासी अधिकारी के बीच घमासान छिड़ गया। गहमागहमी के बीच बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। चर्चित लेक ब्रिज चुंगी ठेके को लेकर पालिका सभागार में हुई बैठक शुरुआत में ही बोर्ड के दो धड़ों में बंटी नजर आई। लेक ब्रिज ठेका होने के पक्ष में पालिकाध्यक्ष के साथ छह सभासद नजर आए जबकि आठ सभासद दूसरे पक्ष के साथ नजर आए। बैठक में सवालों का संतोषजनक उत्तर न मिलने पर नाराज सभासद अपनी कुर्सियों से उठकर डाइस के पास जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी की।
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई बोर्ड बैठक की शुरूआत में ही सभासद मुकेश जोशी ने वार्ड में धनराशि आवंटन पर पालिकाध्यक्ष की शक्तियों पर सवाल किया और ईओ के जवाब से असंतुष्ट होने पर वह वहां से चले गए। सभासद जीतेंद्र पांडे ने बोर्ड की अनुमति बगैर लेक ब्रिज ठेका, निविदा शर्तों में दोपहिया शुल्क को शामिल करने, शर्तों में बदलाव पर सवाल किया। अंकित चंद्रा ने सभासदों को चार-चार सफाई कर्मी न देने पर सवाल किया तो रमेश प्रसाद ने रिकार्ड लिपिक पर उन्हें रिकॉर्ड रूम से जानकारी न देने और संबंधित से एक हजार रुपये लेकर जानकारी देने की बात रखी। पालिकाध्यक्ष ने शर्तों को बदलने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। इधर, जीतेंद्र पांडे, सुरेंद्र कुमार आदि के अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप व अन्य दोषारोपण पर ईओ रोहिताश शर्मा भड़क गए। उन्होंने सभासदों पर आरोप लगाया कि यहां के सभासद स्वयं दलाली कर रहे हैं। कभी आरटीआई तो कभी अन्य मौके पर निजी जुगाड़ में जुट जाते हैं।
कहा कि दशकों की सेवा में उन्होंने ऐसा बोर्ड कभी नहीं देखा। इसी हो-हल्ले के बीच पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने बोर्ड बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी।