देहरादून। प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कुछ जनपदों के लिए 20 जुलाई को रेड तथा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के उपरांत माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेशभर में स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों एवं जनपदों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचकर प्रदेशभर बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मौसम पूर्वानुमान, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 जुलाई 2026 को देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं हरिद्वार जनपदों में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी एवं उधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां तथा नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई गई है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि मौसम विभाग द्वारा जारी प्रत्येक चेतावनी पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला एवं तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल बिना विलंब मौके पर पहुंचें।
उन्होंने कहा कि नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए। जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए खराब मौसम के दौरान आवश्यकतानुसार कार्य स्थगित करने के निर्देश भी दिए गए।
सचिव ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं को ग्रामीण एवं राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनें, डंपर, आवश्यक उपकरण एवं प्रशिक्षित मानव बल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने जल संस्थान, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों को भी पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल, विद्युत, संचार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में त्वरित बहाली की जाए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, डॉ. शांतनु सरकार, डॉ. मोहित पूनिया, सभी जनपदों के ओसी आपदा तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (ऊऊटड) वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
प्रदेशवासियों से सतर्कता बरतने की अपील
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को गंभीरता से लें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर नदी-नालों, गाड़-गदेरों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें।
किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें तथा केवल शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।