सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

Spread the love

नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नैनीताल हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी है।
उल्लेखनीय है कि नैनीताल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लाभ पहुंचाने के लिए नोटबंदी के बाद एक दंपती के बैंक खाते में धन जमा कराए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। यही नहीं उच्च न्यायालय ने आरोप लगाने वाले पत्रकार के खिलाफ इस बारे में दर्ज प्राथमिकी भी रद कर दी थी।
उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता उमेश शर्मा के खिलाफ देहरादून के एक थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश देते हुए उनसे मामले से जुड़े सभी दस्तावेज बुधवार तक अदालत में जमा कराने के निर्देश दिए थे। शर्मा ने अदालत से अपने खिलाफ देहरादून में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई थी।
उमेश शर्मा ने इस साल 24 जून को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि झारखंड के अमृतेश चौहान ने नोटबंदी के बाद कथित तौर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के निजी लाभ के लिए एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उनकी पत्नी के खाते में पैसे जमा कराए थे। यही नहीं पोस्ट में बैंक खाते में हुए लेन-देन का विवरण भी डाला गया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शर्मा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद करने का आदेश दिया था। साथ ही उनके आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
अदालत ने यह भी कहा था कि मामला गंभीर है इसलिए इसकी जांच होनी जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!