कोर्ट का आदेश- आफताब का पांच दिन में हो नार्को टेस्ट, थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं करेगी पुलिस

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नई दिल्ली, एजेंसी। श्रद्घा वालकर हत्याकांड में दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को आरोपित आफताब का नार्को टेस्ट पांच दिन के भीतर कराने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि आरोपित पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौड़ ने जांच अधिकारी (आईओ) को पांच दिनों के भीतर रोहिणी की फरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में आरोपित का नार्को एनालिटिक टेस्ट कराने की अनुमति देने का निर्देश दिया।
साकेत कोर्ट ने आफताब को बृहस्पतिवार को पांच दिन की दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया। साथ ही कोर्ट ने नार्को टेस्ट की मंजूरी दी थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि वह जांच के लिए आरोपित को उत्तराखंड और हिमाचल ले जाएगी। जानें क्घ्या है नार्को टेस्ट, क्घ्या है पूरी प्रक्रियाय कानूनी रूप से यह कितना सही?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने दो साल पहले भी श्रद्घा की हत्या की कोशिश की थी। तब भी मामला पुलिस तक पहुंचा था। उस वक्त श्रद्घा, आफताब से अलग होने की सोचने लगी थी। हालांकि, शातिर आफताब ने भावनात्मक रूप से श्रद्घा को ब्लैकमेल कर मना लिया था।
श्रद्घा मुंबई के एक कल सेंटर में आफताब से मिली थी। 2019 में श्रद्घा एक दिन अचानक आफताब को लेकर अपने घर आ गई थी और उसने मां से कहा था कि वह उसके साथ कहीं लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहती है। बेटी की यह बात सुनकर उसकी मां चौंक गई थी। उन्होंने समझाते हुए श्रद्घा से कहा था कि यहां अंतर धार्मिक विवाह नहीं हो सकता है। इसपर टूटते ही श्रद्घा ने कहा था कि मैं 25 साल की हो गई हूं। मुझे अपने फैसले लेने का पूरा अधिकार है। मुझे आफताब के साथ ही रिलेशनशिप में रहना है। मैं आज से आपकी बेटी नहीं हूं और अपने माता-पिता को छोड़कर दिल्ली रहने आ गई थी।
2021 में मां के निधन के बाद श्रद्घा ने अपने पिता से सिर्फ दो बार ही बात की थी। जब काफी दिनों तक पिता की बेटी श्रद्घा से बात नहीं हुई (और सोशल मीडिया पर अपडेट नहीं था) तो उन्होंने सितंबर में ही मानिकपुर थाने में पुलिस से शिकायत की। फिर दिल्ली में श्रद्घा का पता चलने पर मुंबई पुलिस ने दिल्ली पुलिस से जांच में मदद मांगी।
दिल्ली पुलिस ने जब आरोपित को गिरफ्तार किया तो पता चला कि श्रद्घा उसके साथ शादी करना चाहती थी और आफताब शादी से लगातार इनकार कर रहा था। इसी कारण दोनों में झगड़ा होता था। इसी बीच 18 मई को आरोपित ने श्रद्घा की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को छिपाने के लिए मृतका के शरीर को कई हिस्सों में काटकर रेफ्रिजरेटर में रख दिया। चूंकि लड़के ने रसोइए की पढ़ाई की थी और उसे मीट वगैरह संरक्षित करके रखने के बारे में जानकारी थी। इसी के चलते उसने मृतका के शरीर को संरक्षित करके रख लिया।

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