जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वर्षाकाल में गुमखाल-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। सोमवार दोपहर कुल्हाड़ बैंड के समीप पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक भरभराकर हाईवे पर आ गिरा। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हाईवे बंद होने के बाद वाहनों को सतपुली-कांडाखाल-सिसल्डी-डेरियाखाल वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया। अचानक यातायात का दबाव बढ़ने से सतपुली बाजार में लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, सतपुली-गुमखाल के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी कारण हल्की बारिश होते ही कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने लगते हैं। सोमवार करीब दो बजे कुल्हाड़ बैंड के पास भी पहाड़ी का हिस्सा ढह गया। सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पोकलेन मशीनों को मलबा हटाने में लगाया गया, लेकिन भारी बोल्डरों के कारण मार्ग खोलने में काफी समय लगा।
बारिश में बढ़ा खतरा, संभलकर करें सफर
सतपुली-गुमखाल मार्ग पर बारिश के दौरान सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। हल्की वर्षा में ही सड़क पर कीचड़ फैल जाता है, जिससे विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। पिछले एक माह के दौरान कुल्हाड़ बैंड क्षेत्र में कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। बीते महीने एक वाहन पर बोल्डर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। अगले ही दिन एक अन्य कार पर भी भारी बोल्डर गिरा, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि उसमें सवार पांचों लोग सुरक्षित बच गए। वहीं गत सप्ताह सब्जियों से लदे एक पिकअप पर भी बोल्डर गिरा था। चालक रात में मार्ग बंद होने के कारण वाहन वहीं खड़ा कर सतपुली लौट गया था, जिससे जनहानि नहीं हुई। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।