उत्तरकाशी। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए जब प्रयोगशाला जांच में पनीर के एक नमूने में डिटर्जेंट मिला। जांच रिपोर्ट में नमूने को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने मामले को जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताया है। कांग्रेसियों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है।बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मुलाकात कर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि रोजमर्रा की खाद्य सामग्री में डिटर्जेंट जैसी खतरनाक मिलावट पाई जा रही है तो यह पूरे खाद्य सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस सुधीश पंवार की ओर से जांच के लिए उपलब्ध कराए गए पनीर के नमूने की प्रयोगशाला रिपोर्ट में डिटर्जेंट की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यह नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 व भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और इसे असुरक्षित घोषित किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप ने कहा कि खाद्य पदार्थों में डिटर्जेंट जैसी हानिकारक सामग्री का मिलना बेहद चिंताजनक है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत, जीतम सिंह रावत, सुधीश पंवार, भगवान चंद शामिल रहे।