जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : दुगड्डा में आयोजित रामलीला के दसवें दिन सीता हरण की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान पूरा रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। लीला देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक रेनू बिष्ट, नगर पालिकाध्यक्ष शांति बिष्ट और व्यवसायी रामपाल सिंह सैनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद कलाकारों ने रामायण के सीता हरण प्रसंग का मंचन किया। लीला में दिखाया गया कि वनवास के दौरान रावण माता सीता का हरण करने के लिए छलपूर्वक योजना बनाता है। स्वर्ण मृग को देखकर भगवान श्रीराम उसके पीछे चले जाते हैं। इसके बाद माता सीता के आग्रह पर लक्ष्मण भी उनकी खोज में निकलने से पहले कुटिया के बाहर लक्ष्मण रेखा खींच देते हैं। इसी बीच रावण साधु का वेश धारण कर कुटिया के बाहर पहुंचता है और भिक्षा मांगने के बहाने माता सीता को लक्ष्मण रेखा पार करने के लिए विवश करता है। जैसे ही माता सीता लक्ष्मण रेखा पार करती हैं, रावण अपने वास्तविक रूप में आकर उनका हरण कर लेता है और उन्हें रथ में बैठाकर लंका की ओर ले जाता है। इस प्रसंग के मंचन के दौरान दर्शक भाव विभोर हो उठे। रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग से रूबरू कराया।