दूसरे दिन भी निजीकरण के विरोध में बैंकों में लटके रहे ताले

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
निजीकरण के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी बैंकों के अधिकारी, कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कोटद्वार में बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। जिसके कारण बैंको में लेनदेन का काम प्रभावित रहा। बैंकों की हड़ताल की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार से इस कानून को लागू न करने की मांग की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंकों ने दो दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित की है।
मंगलवार को बैंक कर्मचारी बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार की जनविरोधी नीतियों व बैंकों के निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को आम जनता, किसानों, लघु बचत कर्ताओं, पेंशन भोगियों, छोटे एवं मध्यम उद्यमियों, व्यापारियों, स्वरोजगारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं, पिछड़े वर्गों, बेरोजगार और कर्मचारी विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से न केवल पूंजीवाद को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आम जनता को भी उनकी मूलभूत आवश्यकता से भी वंचित होना पड़ेगा। बैंक ग्राहकों को न केवल अधिक सेवा शुल्क देना पड़ेगा बल्कि जनता की बचत पूंजी पर बडे कारपोरेट घरानों का कब्जा हो जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को कारपोरेट घरानों को दिये गये ऋणों की वसूली के लिए ठोस योजना बनानी चाहिए, जिससे उन डूबे हुए ऋणों का बोझ बैंकों पर न पड़े और उनके लाभांश में वृद्धि हो सके। इस अवसर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के संयोजक डीपीएस बिष्ट ने केन्द्र सरकार से जनहित एवं बैंक कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को अविलम्ब खत्म करने की मांग की। उत्तराचंल बैंक कर्मचारी संगठन के जिला मंत्री बीएस रावत ने कहा कि अगर इस प्रक्रिया को न रोका गया तो बैंक कर्मचारियों को अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए तैयार रहना होगा। बैंक कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए टे्रड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष जेपी बहुखण्डी ने सरकार के बैंकों के निजीकरण के निर्णय को जनहित विरोधी व देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला बताया। इस मौके पर हरजीत सिंह, रमेश नेगी, रचित रावत, आदेश, डीएस असवाल, एसएल आर्य, अनिल सिंघल, राजे सिंह, सुनील रावत, प्रेम सिंह रावत, संतोष धस्माना, अरविन्द कुमार, रोहित वर्मा, हिमांशु काला, सिद्धार्थ, रिद्धिमा, इन्द्रमोहन रावत, जयपाल बिष्ट, अमित चौधरी, तपस्या जखमोला, सविता कोटनाला, धर्मपाल नेगी, मंजीत रावत, सुरेन्द्र सिंह गुसांई, यशपाल सिंह आदि मौजूद थे।

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