देहरादून,। जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे एसआईआर कार्य की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार एसआईआर की प्रगति, मतदाता सूची से संबंधित विसंगतियों, नो-मैपिंग प्रकरणों, जारी किए गए नोटिस, सुनवाई तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर के प्रत्येक प्रकरण में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता के संबंध में निर्णय लेने से पहले उपलब्ध अभिलेखों एवं दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया जाए और नियमानुसार ही कार्रवाई की जाए।
पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की जांच निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जानी चाहिए।
10 विधानसभा क्षेत्रों में 11.90 लाख से अधिक मतदाता
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार देहरादून जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,90,805 मतदाता दर्ज हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरणों के सत्यापन के दौरान जनपद में कुल 3,95,772 विसंगति (एनोमली) प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा 1,52,170 नो-मैपिंग प्रकरण भी सामने आए हैं।
इन प्रकरणों में जांच और सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान अब तक 29,929 मतदाता अपात्र पाए गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष प्रकरणों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच एवं सुनवाई की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
दावे-आपत्तियों के निस्तारण में नियमों का पालन
डीएम ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्राप्त दावे एवं आपत्तियां महत्वपूर्ण हैं। इनके निस्तारण में किसी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दावे और आपत्ति का नियमानुसार परीक्षण कर अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बनी रहे और सभी पक्षों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी उपलब्ध हो सके।
राजनीतिक दलों से भी समन्वय पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए एसआईआर कार्य के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।