जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर कोटद्वार नगर निगम के महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2027 के चुनाव को देखते हुए पार्टी इस प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।

एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि निर्वाचन आयोग संवैधानिक संस्था है और उसका दायित्व चुनाव प्रक्रिया के साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है और भाजपा कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करती है। महापौर ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है। उनके अनुसार एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है और निर्वाचन आयोग इस प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित कर रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए एसआईआर को मुद्दा बना रही है। महापौर ने कहा कि जब कांग्रेस को चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है तो वह कभी ईवीएम तो कभी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। उन्होंने कांग्रेस से चुनावी राजनीति के बजाय धरातल पर काम करने की अपील की। महापौर ने एसआईआर को लेकर न्यायालय के फैसले का भी उल्लेख किया। बिहार में एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को वैध ठहराया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास कार्य किए जा रहे हैं। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अंथवाल, सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुमन कोटनाला और नगर अध्यक्ष विकासदीप मित्तल मौजूद रहे।