जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : पर्यटन नगरी लैंसडौन में गर्मी आने के साथ ही लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। छावनी वासियों ने लैंसडौन में पानी की कमी से होने वाली परेशानी को और अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया के माध्यम से बयां किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी छावनी वासियों को पेयजल किल्लत से निजात नहीं मिल पाई है। गर्मी शुरू होते ही छावनी में पेयजल की किल्लत शुरू हो जाती है। छावनी प्रशासन को इस समस्या का हल निकालना चाहिए।
रूपा रावत सोशल मीडिया में लिखती हैं लैंसडौन में पानी की समस्या वैसी की वैसी बनी हुई है। बरसों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। विमलेश कुमार बीछवान ने लिखा है लैंसडौन पुरानी समस्याओं से जूझ रहा है। लैंसडौन में पहले से ही पानी की समस्या रही है। बचपन में हमें दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। इसी से हमारे हाथ मजबूत हुए हैं। परंतु आश्चर्य की बात यह है कि स्थिति आज भी वैसी की वैसी बनी हुई है। पानी की समस्या का स्थाई समाधान छावनी प्रशासन को निकालना चाहिए। आज भी पानी की समस्या छावनी प्रशासन की कोशिश के बाद भी वैसी ही बनी हुई है। पर्यटन नगरी में आबादी घटी पानी के टैक्स में समय के साथ-साथ वृद्धि की गई। आनंदी रावत पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लैंसडौन शहर बर्बाद हो रहा है।