नईदिल्ली, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करती है, तो सरकारी खजाने पर बड़ा असर पड़ सकता है। मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के ऐसे फैसलों का सीधा असर सरकारी कमाई पर पड़ता है। ऐसे समय यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
निर्मला सीतारमण ने साफ कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह रकम सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा होती है। ऐसे में राहत देने और सरकारी खर्च के बीच संतुलन बनाना जरूरी होता है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार हर कदम को सोच-समझकर आगे बढ़ा रही है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ चुके हैं। 15 मई से अब तक दोनों ईंधनों की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इससे आम लोगों और कारोबार दोनों पर असर पड़ रहा है। बढ़ती कीमतों के बीच लोगों की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर बनी हुई है और राहत की उम्मीद भी बढ़ी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की कई आर्थिक चुनौतियां देश के बाहर के हालात से ही जुड़ी हैं। कच्चे तेल, सोना और खाद जैसी जरूरी चीजों के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में दुनियाभर में कीमतें बढ़ने या तनाव होने का असर यहां भी दिखता है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।