उत्तरकाशी। विकासखंड पुरोला के धलोड़ी क्षेत्र में बागवानों ने अच्छी फसल, अनुकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की कामना के साथ आछरी मातरी और शिरगुल देवता की पारंपरिक पूजा-अर्चना की। सेब सहित अन्य फलों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में बागवानी लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार है।
सदियों पुरानी इस परंपरा के तहत क्षेत्र के बागवान एकत्रित होकर अपने ग्राम देवताओं की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि देवताओं की कृपा से ओलावृष्टि, आपदाओं से बचाव होता है और फसल अच्छी होती है जिससे आर्थिक नुकसान कम होता है। रविवार सुबह से ही धलोड़ी में भक्तिमय माहौल बना रहा। बागवान पारंपरिक वेशभूषा में पूजा स्थल पर पहुंचे और फल, फूल, धूप समेत विभिन्न सामग्री अर्पित कर विशेष मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न की। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया जिसमें क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई। वरिष्ठ बागवान प्रमोद गोयल, मनमोहन चौहान, बिजेंद्र रावत, कृष्ण देव रतूड़ी और अरविंद रावत ने बताया कि यह पूजा उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बागों की सुरक्षा और अच्छी पैदावार के लिए देवताओं का आशीर्वाद लिया जाता है।