कोरोना की रोकथाम को पंचायतों को बजट दे सरकार

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अल्मोड़ा। गांव-गांव तक पैर पसार रही कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत किए जाने पर जोर दिया जाने लगा है। जैनोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने कहा कि शून्य स्वास्थ्य ढांचे वाले ग्रामीण अंचलों में कोरोना संक्रमण फैलने की स्थिति में हालात भयावह हो सकती है। उन्होंने चुनौतिपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र और जिला पंचायतों को केंद्र एवं राज्य वित्त से तत्काल बजट आवंटित किए जाने की मांग उठाई है, जिससे महामारी की रोकथाम के कदम उठाए जा सकें। उन्होंने इस संबंध में कुमाऊं मंडलायुक्त से भी मुलाकात की। ताड़ीखेत के खंड विकास अधिकारी को भेजे ज्ञापन में बीडीसी सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर में शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य ढांचा लगभग शून्य है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण फैलने पर पैदा होने वाली भयावह स्थिति का अनुमान लगाया जाना भी कठिन है। फर्त्याल ने चुनौतिपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र एवं जिला पंचायतों को केंद्र व राज्य वित्त से बजट आवंटित किए जाने की नितांत जरूरत है, जिससे संक्रमण रोकने के तात्कालिक कदम उठाए जा सकें। अन्यथा गांवों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने राज्य एवं केंद्र वित्त से प्राप्त बजट में से कोविड-19 की रोकथाम के लिए ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों व जिला पंचायत सदस्यों के माध्यम से बजट उपलब्ध कराकर पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को तार्किक एवं व्यवहारिक महत्व प्रदान करने का आग्रह किया। बीडीसी सदस्य ने इस संबंध में नैनीताल में कुमाऊं मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी से भी मुलाकात की तथा ज्ञापन सौंपा।

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