नई दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली से केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के हज यात्री हज सफर पर रवाना होते हैं. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हज सफ़र पर जाने वाले हज यात्रियों के लिए दिल्ली प्रदेश हज कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए जाते हैं. हज सफर 2026 के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से कुल 54 उड़ानों रवाना हुई है. हज सफर के लिए आखिरी उड़ान 20 मई 2026 को रात 8:10 पर रवाना हुई. जिसके साथ हर सफर पर रवाना होने वाली फ्लो का सिलसिला समाप्त हो गया.
दिल्ली देश का सबसे बड़ा हज अंबरगेशन पॉइंट है. दिल्ली से हज यात्रा पर जाने के लिए दिल्ली प्रदेश के कुल 3213 यात्री रवाना हुए. जबकि दिल्ली से अन्य प्रदेशों के कुल 17821 हज यात्रियों ने आईजीआई टर्मिनल से उड़ान भरी. दिल्ली के आईजीआई टर्मिनल से 20 हज़ार से अधिक हज यात्री रवाना हुए. 18 अप्रैल से 4 मई 2026 तक 31 फ्लाइट दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से पवित्र शहर मदीना के लिए रवाना हुई जबकि 6 मई से 20 में 2026 तक कुल 23 फ्लाइट पवित्र शहर मक्का के लिए रवाना हुई.
दिल्ली प्रदेश हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरती के मुताबिक, दिल्ली से हज सफर पर कुल 54 उड़ाने रवाना हुई है. अंतिम फ्लाइट 20 मई को रवाना हुई है. 2 जून से हाजियों की देश वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा. 21 मई को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विभिन्न एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है. बैठक में आगे की तैयारी शुरू की जाएगी. 2 जून को पहली फ्लाइट दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर हज यात्रियों को लेकर पहुंचेगी.
हज सफर 2026 के लिए बिना मेहरम के 43 महिलाएं रवाना हुई थी. जिसमें 43 में से 12 महिलाएं दिल्ली से, 21 उत्तर प्रदेश से, तीन बिहार से, चार जम्मू कश्मीर से, दो मध्य प्रदेश से और 2 उत्तराखंड से ताल्लुक़ रखती हैं. हज सफर 2026 के लिए भारत से कुल 175025 हज यात्री रवाना हुए हैं.