जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : हिंदी दिवस के अवसर पर ग्राम्य एकता प्रगति प्रेमांजलि समागम समिति (गेप्स) एवं देवभूमि उत्कर्ष सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए साहित्यकार एवं लेखक रामभरोषा कंडवाल को ‘शांति दूर साहित्य गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल तथा रविंद्र सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर रविंद्र सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान समय में जब पूरा विश्व युद्ध और बारूद के खतरे से जूझ रहा है, ऐसे दौर में ‘अंगोला में भारतीय शांति दूत’ जैसी पुस्तक की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यह कृति केवल एक सैनिक के अनुभवों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विश्व शांति, मानवीय संवेदनाओं और भारतीय शांति परंपरा का साहित्यिक प्रतिबिंब भी है। गोष्ठी में डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल ने प्रभावशाली काव्य पाठ कर साहित्य प्रेमियों को भाव-विभोर किया। वहीं, डा. रमाकांत कुकरेती ने अपनी ओजपूर्ण कविता ‘हिंदुस्तान’ के माध्यम से श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का संचार किया। रामभरोषा कंडवाल ने अपनी चर्चित कविता ‘अपनी भाषा का मान बढ़ाए’ प्रस्तुत कर मातृभाषा हिंदी के प्रति सम्मान और गौरव का संदेश दिया। समारोह में ‘अंगोला में भारतीय शांति दूत’ के लेखक रामभरोषा कंडवाल को उनकी साहित्यिक कृति के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जगदंबा भारद्वाज, मनमोहन काला, डा. रमाकांत कुकरेती, भारत सिंह नेगी, अनुराग कंडवाल, जगदीश भारद्वाज सहित अन्य साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।