होम्योपैथिक बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ ने नियुक्ति की मांग

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देहरादून। होम्योपैथिक बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कोरोना काल में संबंधित विभाग में नौकरी दिलाने की मांग की है। संघ ने कहा कि यदि सरकार यह निर्णय लेती है तो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रहे ग्रामीणों को चिकित्सा सेवा मिलेगी। इसके साथ ही कोरोना महामारी में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर होगी।
प्रेषित ज्ञापन में फार्मासिस्ट संघ ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2011 से संचालित होम्योपैथी फार्मेसी डिप्लोमा कॉलेजों से पास करीब दो सौ छात्र-छात्राएं वर्तमान में बेरोजगार हैं। उनका कहना है कि संघ की ओर से 180 राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में होम्योपैथी विंग की स्थापना और उसमें फार्मासिस्ट की अस्थायी नियुक्ति की मांग पहले भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उनके सामने रोजी रोटी का संकट हो गया है और उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई है।
स्वास्थ्य विभाग यदि होम्योपैथी बेरोजगारों को नियुक्ति देता है और इनसे सेवाएं लेता है तो सेवाएं बेहतर होगी। ज्ञापन में कहा गया कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में अनेक असाध्य रोग का उपचार संभव है। महामारी में इस पद्धति से इलाज करने में कारगर साबित हुई है, जिस कारण प्रदेश में होम्योपैथी चिकित्सा को बढ़ावा दिया जाए। कहा कि राज्य की जनता दूरस्थ क्षेत्र से अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए मैदानी क्षेत्र में आते हैं, जिससे अधिकांश को सेवा का लाभ नहीं मिल पाता है। चिकित्सा पद्धति का लाभ भी आम जनता तक पहुंचे और राज्य की स्वास्थ्य सुविधा बेहतर हो इसके लिए नियुक्ति आवश्यक है। ज्ञापन पर होम्योपैथिक बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ की अध्यक्ष नीलम चौहान, उपाध्यक्ष कृष्णा, ईशा कंडारी, निकिता गुसाई, रिंकी नेगी, अमिता, रजनी रावत, मोना नेगी, संजय नेगी, कंचन, अनिल बिष्ट, दीपक, रवि कुमार, गणेश आदि के हस्ताक्षर हैं।

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