जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सरोजनी देवी लोक विकास समिति की पहल पर विकासखंड दुगड्डा स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्यालिंगा को यथावत संचालित रखने की मांग अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, स्कूल शिक्षा निदेशालय उत्तराखंड से 7 अक्तूबर तक विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि विद्यालय के अभिभावकों ने समिति को जानकारी दी थी कि छात्र संख्या निर्धारित मानक से कम होने का हवाला देते हुए शासन विद्यालय को बंद करने की प्रक्रिया में है। इस निर्णय से क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। समिति ने आयोग को भेजे पत्र में बताया कि स्यालिंगा क्षेत्र के बच्चों को विद्यालय पहुंचने के लिए पथरीले और दुर्गम रास्तों के साथ जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए उन्हें इसी विद्यालय में भेज रहे हैं। ऐसे में विद्यालय बंद होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनकी सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार भी प्रभावित होगा। मानवाधिकार आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, स्कूल शिक्षा निदेशालय उत्तराखंड से पूरे प्रकरण पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब करते हुए 7 अक्तूबर तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें शासन और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।