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कोटद्वार में मौजूद थे गौवंश के हत्यारे और मांस के तस्कर, लॉकडाउन में हलाल कर दिया बछड़ा, एक महिला सहित 8 गिरफ्तार, 1 फरार

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
गौवंश का हलाल करने वाले व गौ मांस की तस्करी करने वाले कोटद्वार में ही मौजूद थे। नजीबाबाद उत्तर प्रदेश के निवासी गिरोह ने लॉकडाउन के दौरान गौवंश को मारकर मांस बेचकर रूपये कमाने के लिए कोटद्वार को अपना अड्डा बनाया। जहां उन्हें गौ मांस बेचने के लिए यहां रह रही एक महिला का भी साथ मिला। इसी मिशन के तहत कोटद्वार में पाये गये बछड़े के सिर पर हुए बबाल के बाद दर्ज मुकदमें का कोटद्वार पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें अभियुक्तों से गौ मांस खरीद कर बेचने वाली एक महिला और उसका बेटा भी शामिल है। मामले में अभी एक आरोपी फरार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा जोशी ने बताया कि 19 अप्रैल 2021 को वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी की मौका मुर्तिव फर्द के आधार पर कोतवाली में गौवंश संरक्षण अधिनियम 2007 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक सीआईयू विजय सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर गाड़ीघाट से आठ अभियुक्तों को घटना में प्रयुक्त 2 छूरा, एक गंडासा और 2 रस्सी के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्तिों को मोहम्मद इमरान के किराये के कमरे से गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से रोजगार न होने के कारण गौकसी कर गौ मांस को बेचकर हम लोगा ने रूपये कमाने का निर्णय लिया। 18 अप्रैल 2021 की रात को मोहम्मद इमरान के कमरे के पास एक बछड़े को काटकर उसका मांस लकड़ी पड़ाव मे जरीफन उर्फ मुन्नी को बेच दिया था। अवशेष ठिकाने लगाते समय बछड़े का सिर रास्ते में गिर गया था और शेष अवशेष उन्होंने नहर में बहा दिये थे। इसके बाद वह नजीबाबाद चले गये थे। आज भी वह किसी जानवर की तलाश में थे, ताकि उसे काटकर उसका मांस बेच सके। अभियुक्तों ने बताया कि पूर्व में भी बिजनौर क्षेत्र में गौवंश का वध कर गौ मांस को मुन्नी को बेचना व धन अर्जित करना स्वीकार किया है। एएसपी ने बताया कि गौ मांस अभियुक्तों से खरीद कर बेचने वाले जरीफन उर्फ मुन्नी व उसके पुत्र अरबाज को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उक्त गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गैंग के कई सदस्य पूर्व में भी गौकसी में जेल जा चुके है।
ज्ञातव्य हो कि 19 अप्रैल 2021 को गाड़ीघाट में एक मस्जिद के पास खाली प्लाट में गौवंश का सिर मिला था। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। सूचना पर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक कोटद्वार अनिल जोशी भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। सीओ ने घटना के बारे में जानकारी ली थे। कोतवाली पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ उत्तराखण्ड गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी। हिंदू युवा वाहिनी के गढ़वाल मंडल ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी कोटद्वार को ज्ञापन भी सौंपा था।
पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक सीआईयू विजय सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी, उपनिरीक्षक सुनील पंवार, संदीप शर्मा, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल सोनू कुमार, कुलदीप, धनपाल, अनिल कुमार, गजेंद्र कुमार, देवेंद्र, फिरोज, आबिद, हरीश, विमला, मोनिया, चेतन सिंह आदि शामिल थे।

इन्हें किया गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा जोशी ने बताया कि गौवंश की हत्या करने और मांस को बेचने के आरोप में पठानपुरा नजीबाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद इमरान पुत्र अब्दुल रसीद, 20 वर्षीय नौशाद उर्फ दिल्लू पुत्र युसूफ, 19 वर्षीय मोहम्मद नदीम पुत्र भूरा, 20 वर्षीय मोहम्मद अमन उर्फ बादल पुत्र भूरा, 20 वर्षीय आजम पुत्र रईस, 19 वर्षीय अफजल पुत्र अय्यूब उर्फ बॉबी, लकड़ीपड़ाव कोटद्वार निवसी 50 वर्षीय जरीफन उर्फ मुन्नी पत्नी इलियास, 20 वर्षीय अरबाज पुत्र इलियास को गिरफ्तार किया है। जबकि पठानपुरा नजीबाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी फैजान उर्फ बिहारी पुत्र खुर्शीद अभी फरार है। एएसपी ने कहा कि जल्द ही अभियुक्त फैजान को भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

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