देहरादून(। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑपरेशन फेक पिल के तहत ऑनलाइन नकली दवाएं बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नामी फार्मा कंपनियों नाम पर नकली जीवन रक्षक दवाइयां 50-60 फीसदी डिस्काउंट पर बेच रहा था। मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पिछले दो महीनों से इस गिरोह के खिलाफ इनपुट जुटाए जा रहे थे। यह सिंडिकेट एसके हेल्थ केयर नाम से फेसबुक पेज के माध्यम से संचालित हो रहा था। आरोपी सनफार्मा, मैनकाइंड, जायडस और मैकलियोड्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की 25 से अधिक ब्रांडेड दवाओं नकली तैयार कर ऑनलाइन रहे थे। इन्हें बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में बिना लाइसेंस के सप्लाई किया जा रहा था। ठोस सबूत जुटाने के लिए एसटीएफ ने खुद एक ग्राहक बनकर फेसबुक पेज के जरिए ऑर्डर दिया। कोरियर से गया और वाराणसी से जो दवाएं देहरादून पहुंचीं उन्हें असल कंपनियों की लैब में जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में दवाएं पूरी तरह से नकली और मानकों पर फेल पाई गईं। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए बेगम सराय, संभल, यूपी निवासी जतिन सैनी और साईं लोक, जीएमएस रोड देहरादून निवासी गौरव त्यागी मूल पता खरखौदा, मेरठ को धर दबोचा। आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में बीएनएस, एनडीपीएस, कॉपीराइट और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एसटीएफ की टीमें दबिश दे रही हैं। कोटद्वार में नकली दवा बना रहे एक प्लांट को सीज किया गया है। वहीं भगवानपुर में एक दवा प्लांट से सेंपल लिए गए हैं।