फिर बेटे का मर्डर उसके दोस्त ने किया, दोस्त गिरफ्तार, गहने बरामद
प्रयागराज । कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका में हुए कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे के सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या को अंजाम कारोबारी के बेटे ने ही दिया था, जो बाद में खुद भी बंटवारे के विवाद दोस्त के हाथों मारा गया। पुलिस के अनुसार कारोबारी के बेटे अभिषेक ने ही अपने एक दोस्त की मदद से अपने माता-पिता, बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे सारे जेवरात लूट लिए। बंटवारे को लेकर विवाद होने के बाद दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार रविवार को हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, जबकि बदबू आने पर मंगलवार को घटना का पता चला था।
पुलिस ने आरोपी दोस्त सनी गुप्ता को हिरासत में ले लिया है। वह चाय की दुकान लगाता है। उसके पास से लूटे हुए गहने भी बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि कारोबारी बेटे को प्रॉपर्टी से बेदखल करने वाले थे, जिससे वह नाराज था। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी सनी गुप्ता ने बताया कि हमें लगा कि जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह मेरा क्या होगा। हमने कोई अपराध नहीं किया था। उसी ने मुझे उकसाया और बुलाया। उसने अपने मां-बाप का कत्ल किया। हम दोनों सोना-चांदी लेकर नीचे आए। उसने कहा था कि मुझे भी हिस्सा देगा, लेकिन नहीं दिया। इसी वजह से मैंने उसकी हत्या कर दी।
ज्ञात हो कि मंगलवार को कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव घर के अंदर मिले थे। घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल पाया था। ऐसे में शक अभिषेक पर गया। हालांकि, करीब दो घंटे बाद अभिषेक (40) का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला। दुकान का ताला भी बाहर से बंद था।
ऐसे में पुलिस मान रही थी कि किसी ने पूरे परिवार की हत्या कर दी। जांच में पुलिस को पति-पत्नी के शव से एक मीटर दूर एक गत्ता पड़ा मिला, जिस पर लाल पेन से लिखा था- “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” सूत्रों के मुताबिक, बेटे ने ही पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा लिखा था, ताकि पुलिस का शक जेल से बाहर आई छोटे भाई की पत्नी पर जाए। अभिषेक की प्लानिंग थी कि वारदात के बाद वह शहर छोड़कर भाग जाएगा।
वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है। मकान 8,000 वर्गफुट में बना है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराए पर हैं। ऊपरी हिस्से में वह परिवार के साथ रहते थे। एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी।
उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। बड़ा बेटा अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था। अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी। छोटा बेटा कौशांबी जेल में बंद है। उसकी पत्नी रितु जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस जांच में पता चला है कि बड़े बेटे अभिषेक की भी पिता से नहीं जमती थी।