जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाना जरूरी है। युवाओं के साथ ही महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच की ओर से समय-समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंच की ओर से बालासौड़ स्थित एक बारातघर में आयोजित तीन दिवसीय जागरूकता शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया।

शिविर के अंतिम दिन मुख्य अतिथि विकासखंड अधिकारी दुगड्डा बीडी रतूड़ी ने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। युवाओं को इन योजनाओं की जानकारी लेकर इनका लाभ उठाना चाहिए और नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। विशिष्ट अतिथि सत्यप्रकाश भारद्वाज और मंच के अध्यक्ष प्रवेश नवानी ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से महिलाएं एकजुट होकर आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। शिविर में प्रतिभागियों को फल संरक्षण, कुकिंग और बेकरी से संबंधित जानकारी भी दी गई। इस दौरान करिश्मा नेगी, अनीता चमोली, रेणु भारद्वाज, सरिता घिल्डियाल, लक्ष्मी देवी, सरिता खंतवाल, कंचन देवी, विनीता रावत, नीलम बिष्ट, मोनिका रावत, सरोज देवरानी, रोशनी नैथानी, रोपाली और विद्या नवानी सहित अन्य महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया। इस अवसर पर खाद्य विकास केंद्र कोटद्वार के प्रधानाचार्य यशपाल सिंह असवाल, एसके नवानी, धर्मेंद्र सिंह रावत, मनीषा भंडारी, सत्येंद्र खुगशाल, शिव प्रकाश कुकरेती, सुरेश डबराल और राजेंद्र प्रसाद पंत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।