जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर जीएमओयू की लग्जरी बस सेवा शुरू होने को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद मुखर हो गई है। परिषद पदाधिकारियों ने निजी बस सेवा को उत्तराखंड परिवहन निगम के हितों के विपरीत बताते हुए इसके संचालन और परमिट की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

परिषद की कोटद्वार डिपो शाखा ने इस संबंध में सहायक महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि निजी बसों के बढ़ते संचालन का सीधा असर परिवहन निगम की आय पर पड़ रहा है। ऐसे में नए निजी वाहनों के संचालन से निगम की आर्थिक स्थिति पर और दबाव पड़ने की आशंका है। परिषद पदाधिकारियों का कहना है कि जीएमओयू की ओर से कोटद्वार-दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर लग्जरी बस संचालित की जा रही है। यदि इस तरह की सेवाओं को लगातार विस्तार दिया गया तो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी निजी बसों का संचालन बढ़ सकता है। इसका असर उत्तराखंड रोडवेज की यात्री संख्या और राजस्व पर पड़ने की संभावना है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जीएमओयू को अंतरराज्यीय मार्ग पर बस संचालन की अनुमति किन नियमों और प्रावधानों के तहत मिली है। उन्होंने परमिट जारी किए जाने की प्रक्रिया की जांच की मांग करते हुए कहा कि निजी परिवहन सेवाओं के विस्तार पर नियमानुसार निगरानी जरूरी है। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने परिवहन निगम के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले का परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में शाखा अध्यक्ष जसविंदर सिंह, महेश चंद्र, जितेंद्र रावत और सुदीप सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।