जजों को जनता की जांच का सामना नहीं करना पड़ता, कलेजियम विवाद के बीच रिजिजू का बड़ा बयान

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट कलेजियम के बीच जारी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ जीवित ही नहीं, बल्कि मजबूती से आगे चले, उसके लिए एक मजबूत और आजाद न्यायपालिका का होना जरूरी है। न्यायपालिका की आजादी को कमजार या उसके अधिकार, सम्मान और गरिमा को कम करेंगे, तो लोकतंत्र सफल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जज बनने के बाद उन्हें चुनाव या जनता की जांच का सामना नहीं करना पड़ता है। जजों के फैसलों और जिस तरह से वे न्याय देते हैं और अपना आकलन करते हैं, उसे जनता देख रही है। सोशल मीडिया के इस युग में कुछ भी नहीं टुपाया जा सकता है।
एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मैंने एक पत्र लिखा, जिसके बारे में किसी को नहीं पता था। पता नहीं किसे कहां से पता चला और खबर बना दी कि कानून मंत्री ने ब्श्रप् को पत्र लिखा कि कलेजियम में सरकार का प्रतिनिधि होना चाहिए। इस बात का कोई सर पैर नहीं। मैं कहां से उस प्रणाली में एक और व्यक्ति डाल दूंगा।

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