गुप्तकाशी। सिद्धपीठ कालीमठ की मां काली इन दिनों द्वितीय चरण की देवयात्रा पर केदारनाथ के लिए निकली है। वहीं अगले वर्ष तृतीय चरण में बदरीनाथ यात्रा के बाद वर्ष 2028 में कालीमठ मंदिर में अयुत महायज्ञ का आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में महायज्ञ में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कालीमठ मंदिर परिसर के विस्तार, घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण की मांग के लिए बीकेटीसी और पर्यटन विभाग को पत्र भेजा है।
कालीमठ पंचगाई समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा, उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा और महासचिव आचार्य सुरेशानंद गौड़ ने बताया कि कालीमठ मंदिर बीकेटीसी के अधीन है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में मंदिर परिसर को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया लेकिन मंदिर समिति की ओर से परिसर के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। समिति ने मंदिर परिसर के विस्तार और सुरक्षा कार्यों के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति और पर्यटन विभाग को पत्र भेजा है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि महायज्ञ के दौरान अधिक संख्या में श्रद्धालु आएंगे इसलिए सुविधाओं का विस्तार समय रहते जरूरी है।