शैलशिल्पी पराक्रम दिवस पर स्मृति स्मारिका का लोकार्पण
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शैलशिल्पी विकास संगठन के तत्वावधान में शैलशिल्पी पराक्रम दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कर्मवीर जयानंद भारतीय के योगदान को याद करते हुए उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। कार्यक्रम में ‘कर्मवीर जयानंद भारतीय स्मृति स्मारिका’ का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व काबीना मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि छह सितंबर 1932 को हुए पौड़ी कांड के नायक कर्मवीर जयानंद भारतीय ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया था। उन्होंने ब्रिटिश गवर्नर मैल्कम हेली के सामने भी झुकने से इनकार कर दिया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि उस दौर में अंग्रेजी हुकूमत का आतंक और दमन चरम पर था। पौड़ी में तत्कालीन ब्रिटिश शासन के प्रभावशाली अधिकारी एवं गवर्नर मैल्कम हेली के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कर्मवीर जयानंद भारतीय ने निर्भीकता के साथ वहां पहुंचकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि जिस समय अंग्रेजी सत्ता के सामने विरोध का स्वर उठाना भी जीवन को खतरे में डालने के समान था, उस समय जयानंद भारतीय ने सत्ता के समक्ष झुकने के बजाय राष्ट्र के स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा। उनका साहस और संघर्ष आज भी युवाओं को देशहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर विकास कुमार आर्य, मीना बछुवाण, डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।