पेरेंट्स रखें खास ख्याल,कोरोना वायरस के चलते बच्चों में भी बढ़ रहे तनाव और नकरात्मक विचार

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कोरोना के दौर में घर में बंद रहते हुए, हर तरफ बीमारी और मौत की खबर सुनते रहने और खुद को बीमारी से बचाने की ज़द्दोज़हद में लगे लोग, इन दिनों काफी मानसिक तनाव से गुज़र रहे है इन सबका असर बच्चों के दिमाग पर भी पड़ रहा है और उनके मन में भी कई सारे नकरात्मक विचार आ रहे हैं और वो भी मानसिक तनाव को फेस कर रहे हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि बच्चों के पेरेंट्स उनका ख्याल रखते हुए उनके मानसिक तनाव को कम करने में उनकी मदद करें और इन बातों पर अमल करें. बच्चों का मन बहलाएं
आज कल हर तरह बस कोरोना और इसकी वजह से हो रही मौतों की ही चर्चा हो रही है. फिर चाहें टीवी हो या आपसी बातें. इन सबको सुन-सुन कर बच्चों के मन में भी डर बैठने लगा है और वो मानसिक तनाव से गुज़रने लगे हैं. ऐसे में पेरेंट्स की ज़िम्मेदारी है कि आप बच्चों के मन को किसी तरह से बहलाएं. उनके साथ कुकिंग करें और उनकी पसंद का खाना बनाएं. उनके साथ खेलें, बात करें, कहानी सुनाएं और उनको ये भरोसा दिलाएं कि सब अच्छा होगा.
टीवी और फ़ोन से दूर रखें
कोशिश करें कि टीवी कम से कम चलाएं और अगर चलाएं तो ध्यान रखें कि बच्चों के सामने न्यूज़ चैनल न लगाया जाये. इसकी जगह म्युज़िक चैनल या कार्टून चैनल लगाएं जिससे उनका मन बहल सके और उनके सामने बीमारी और मौत की ख़बरें न आ सकें. इसके साथ ही बच्चों को फोन से दूर रखें. इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चों के सामने फोन पर किसी से बीमारी के बारे में बात न हो.
बच्चों को हेल्दी डाइट दें
बच्चों को इस दौरान हेल्दी डाइट दें. साथ ही फिज़िकल एक्टिविटी भी करवाएं जिससे बॉडी की एक्सरसाइज हो सके. इसके साथ ही उनको समय-समय पर हाथ धोने के लिए भी प्रोत्साहित करती रहें. साथ ही ये बताती रहें कि ऐसा करने से हम सब अच्छे रहेंगे.
बच्चों पर गुस्सा न करें
बच्चे घर में रहकर बोर हो जाते हैं ऐसे में वो खुद का मन बहलाने के लिए शैतानी भी करते हैं. अगर बच्चे शैतानी करें तो उन पर गुस्सा न करें और उनको डांटने और पीटने की बजाय प्यार के साथ हेंडल करें.
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वीडियो काल की मदद से रिश्तों को दें इम्पोर्टेंस
बच्चों के दोस्तों से बात करवाने के लिए वीडियो काल की मदद लें. इससे बच्चों का मन तो बहलेगा ही वो अपने दोस्त को देख भी सकेंगे और उससे बात भी कर सकेंगे. इसके साथ ही बच्चों की बात वीडियो काल के ज़रिये दादी-नानी, मामा-चाचा, मौसी-बुआ जैसे उन रिश्तेदारों से करवाएं जो उनसे दूर रहते हैं. इस दौरान कोरोना के विषय में कोई बात न करें बल्कि ऐसी बातें करें जिससे उनको ख़ुशी मिले. इस तरह से वो अपने रिश्तेदारों से कनेक्ट हो सकेंगे और रिश्तों की इम्पोर्टेंस भी समझ सकेंगे.

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