कृषि विधेयक को लेकर विपक्ष पर बरसे पीएम मोदी, कहा- दशकों तक राज करने वाले बोल रहे हैं झूठ

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नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के किसानों को आश्वस्त किया कि लोकसभा से पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयक उनके लिए रक्षा कवच का काम करेंगे और नए प्रावधान लागू होने के कारण वे अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेंगे।
प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों, खासकर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इन विधेयकों का विरोध कर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं और बिचौलियों के साथ किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रही हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस भ्रम में न पड़ें और सतर्क रहें।
मोदी ने ये बातें शुक्रवार को ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु को राष्ट्र को समर्पित करने और बिहार के रेल यात्रियों की सुविधाओं के लिए 12 रेल परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में कही।
मोदी ने कहा, कल विश्वकर्मा जयंती के दिन लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों तक सत्ता में रहे हैं और देश पर राज किया है, वे लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं ओर उनसे झूठ बोल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस एपीएमसी एक्ट को लेकर अब ये लोग राजनीति कर रहे हैं, एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी। लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर उतर आए हैं।
उन्होंने कहा कि अब दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी, कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद दुनिया में कहीं भी बेच सकता है। जहां चाहे वहां बेच सकता है। मोदी ने कहा कि किसानों के लिए जितना एनडीए शासन में पिछले छह वर्षों में किया गया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, मैं आज देश के किसानों को बड़ी नम्रतापूर्वक अपनी बात बताना चाहता हूं। संदेश देना चाहता हूं। आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना बहुत जरूरी है ऐसे लोगों से सावधान रहें, जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं। वे लोग आज किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का विरोध करने वाले किसानों को अनेक बंधनों में जकड़ कर रखना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी उपज कहीं पर भी किसी को भी बेचने की आजादी देना बहुत ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत का किसान बंधनों में नहीं रहेगा। भारत का किसान खुलकर खेती करेगा। जहां मन होगा, अपनी उपज बेचेगा। जहां ज्यादा पैसा मिलेगा, वहां बेचेगा। किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा। यह देश की जरूरत है और समय की मांग भी है।

कृ षि बिल: कांग्रेस ने भी चुनाव से पहले किया था किसानों से वादा और अब विरोध,कांग्रेस ने ही खोली पोल
नई दिल्ली, एजेंसी। मोदी सरकार की तरफ से लाए गए कृषि संबंधी विधेयकों का जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। इस बीच कांग्रेस के निलंबित नेता ने कृषि संबंधी बिल पर जो बातें कही है उससे न सिर्फ कांग्रेस खुद को असहज महसूस करेगी, बल्कि यह कहीं न कहीं मोदी सरकार के लिए एक बड़ी राहत की बात हो सकती है।
कांग्रेस के निलंबित नेता संजय झा ने शुक्रवार की दोपहर बाद ट्वीट करते हुए कहा कि कृषि संबंधी बिलों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार वही कर रही थी जिसका कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में वादा किया था।
कांग्रेस के निलंबित नेता ने खोली पोल!
इससे पहले, संजय झा जिनको कांग्रेस ने जुलाई में पार्टी से निलंबित कर दिया था, उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 (तीन बिलों में से एक) यूपीए के इरादे के अनुरूप थे और कांग्रेस की तरफ से लाए गए मल्टी ब्रांड एफडीआई में इससे फायदा होगा।
संजय झा ने ट्वीट करते हुए कहा, साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भी अपने घोषणापत्र में एपीएमसी अधिनियम को खत्म करने और कृ षि उत्पादों को प्रतिबंधों से मुक्त करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो वादा अपने घोषणापत्र में किया था, वही मोदी सरकार ने पूरा किया है। संजय झा ने कहा कि इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस एकमत हैं।
क्या कहा था कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में?
कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र के 11वें प्वाइंट में कहा था- कांग्रेस षि उपज मंडी समितियों के अधिनियम में संशोधन करेगी, जिससे की षि उपज के निर्यात और अंतरराज्यीय व्यापार में लगे सभी प्रतिबंध समाप्त हो जाएंगे।
12वें प्वाइंट में कहा गया- हम बड़े गांवों और छोटे कस्बों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे के साथ में किसान बाजार की स्थापना करेंगे, जहां पर किसान बिना किसी प्रतिबंध के अपनी उपज बेच सके।
21वें प्वाइंट में कहा गया- आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को बदलकर आज की जरूरतों और संदर्भों के हिसाब से नया कानून बनाएंगे जो विशेष आपात परिस्थितियों में ही लागू किया जा सके।
कांग्रेस के निलंबित नेता के इस ट्वीट पर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि एकमात्र वहीं एक व्यक्ति हैं जिन्होंने वास्तव में पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को पढ़ा है।

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