जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वर्षाकाल के चलते करीब एक माह से बंद लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को अब वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। मार्ग खुलने के बाद कोटद्वार और लालढांग के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। मार्ग बंद होने के कारण लोगों को उत्तर प्रदेश के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा था।

लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के साथ ही कोटद्वार और हरिद्वार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी जोड़ता है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। दुग्ध व्यवसायी भी इसी रास्ते से कोटद्वार पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों में दूध की आपूर्ति करते हैं। ऐसे में मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ ही व्यापारियों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वर्षाकाल के दौरान मार्ग के बीच पड़ने वाले बरसाती नदी-स्रोतों में जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमभरा हो गया था। वर्षा की शुरुआत में सिगड्डी स्रोत और मैहली स्रोत उफान पर आ गए थे। लगातार बारिश और सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने करीब एक माह पूर्व मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया था। अब वर्षाकाल समाप्त होने और बरसाती स्रोतों का जलस्तर सामान्य होने के बाद वन विभाग ने मार्ग को दोबारा खोल दिया है। इससे पहले विभाग की ओर से मार्ग को समतल करने के साथ ही आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही बहाल की गई। मार्ग खुलने से कोटद्वार और लालढांग के बीच सफर करने वाले लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने मार्ग को सुचारु बनाए रखने के साथ ही बरसात के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।