मां नयना देवी मंदिर के स्थापना दिवस पर की कोरोना संकट से मुक्ति की प्रार्थना

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संवाददाता, नैनीताल। मां नयना देवी मंदिर के 136वें स्थापना दिवस पर रविवार को नैनीताल में विधि विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस दौरान कोरोना संकट से मुक्ति को लेकर प्रार्थना भी की गई। लॉकडाउन के चलते मंदिर परिसर में सादगी से कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि इस बीच कुछ भक्त भी मां के द्वार पहुंचे, लेकिन लॉकडाउन बाध्यता के चलते उन्होंने परिसर के बाहर से ही मां को नमन किया।बता दें कि सरोवर नगरी में मां नयना देवी अनादि काल से ही विराजमान हैं। देश-विदेश में बड़ी तादात में मां के भक्त हैं। रविवार को मंदिर में शाह परिवार के वंशजों के प्रतिकात्मक रूप में प्रदीप शाह व उनकी पत्नी नीरू शाह कुलपूजा, हवन व आरती में शामिल हुए। मंदिर के मुख्य पुजारी बसंत बल्लभ पांडे व नवीन चंद्र तिवारी ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस मौके पर मंदिर ट्रस्ट के सचिव हेमंत साह, कोषाध्यक्ष किशन नेगी, उपाध्यक्ष घनश्याम लाल साह, सुरेश मेलकानी, बसंत जोशी आदि रहे। मंदिर के स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को फेसबुक पर खासा पसंद किया गया। मंदिर की फेसबुक वॉल पर ट्रस्ट की ओर से जारी आरती की वीडियो को काफी भक्तों ने देखा।
नैनीताल में 1883 में हुई नयना देवी मंदिर की स्थापना
नैनीताल में नयना देवी मंदिर की स्थापना वर्ष 1883 में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी को की गई थी। 51 शक्तिपीठों में शुमार यह मंदिर 1880 में भू-स्खलन की चपेट में आ गया था। नैनीताल में वर्ष 1841 में पहली बार अंग्रेजों की बसासत शुरू हुई। इतिहासकार बताते हैं कि देवी का मंदिर पहले तल्लीताल क्षेत्र में था, जिसे बाद में मल्लीताल स्थित वोट हाउस क्लब के समीप स्थापित किया गया। लेकिन त्रासदी के चलते मलबे में दबने से मंदिर को बाद में वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया। नैनीताल नगर के निर्माता नेपाल मूल के कारोबारी मोतीराम शाह के परिवार ने वर्तमान मंदिर की स्थापना की। शाह परिवार की पहल पर 1984 में मां नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट का गठन किया गया। जोकि वर्तमान में भी इसका संचालन कर रहा है।

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