वनराजी जनजाति के लोगों को जागरूक किया

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चम्पावत। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा और उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की टीम चम्पावत के दुर्गम क्षेत्र खिरद्वारी पहुंची। जहां स्कूली बच्चों के अलावा वनराजी जनजाति के ग्रामीणों को पानी की महत्ता पर जागरूक किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक व जैव विविधता संरक्षण एवं प्रबंधन विभागाध्यक्ष ड़ आईडी भट्ट के निर्देशानुसार वैज्ञानिक ड़आशीष पांडेय ने गांव के लोगों को स्वच्छता व पेयजल की महत्ता की जानकारी दी। जिसमें लगभग 30 ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। जिसमें अधिकांश लोग वनराजी जनजाति के थे। साथ ही विद्यालय के विभिन्न छात्र छात्राओं ने कार्यक्रम में सहयोग किया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक ड़पांडेय ने स्वच्छ पेयजल की पहचान और महत्व के साथ ही स्वास्थ्य पर होने वाले विभिन्न दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि कैसे पेयजल की पहचान करनी है। स्वास्थ पर होने वाले बुरे प्रभावों से कैसे बचाव किया जा सकता है। स्कूल के शिक्षक धनेश ध्यानी ने लोगों से स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र सिंह परिहार ने किया। उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यशाला के आधार पर चम्पावत क्षेत्र में पेयजल के मुद्दो और चुनौतियों पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यहां ग्राम प्रधान सचिन और बसंत सिंह रहे।

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