श्रीनगर गढ़वाल : एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद ने प्रस्तावित रेशनलाइजेशन रिव्यू के तहत कर्मचारियों के सेवा हितों की रक्षा, लंबित पदोन्नतियों, वित्तीय लाभों और कैडर पुनर्गठन से जुड़ी विसंगतियों के समाधान की मांग कुलपति से की। उन्होंने कहा कि पूर्व में लागू की गई रेशनलाइजेशन (पदनाम एवं वेतनमान संशोधन) प्रक्रिया के कारण कर्मचारियों को पदोन्नति, वित्तीय लाभ और सेवा अधिकारों के मामलों में लगातार नुकसान उठाना पड़ा है।
परिषद के महासचिव रविन्द्र सिंह सिलवाल ने कहा कि वर्ष 2009 में विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद लागू रेशनलाइजेशन प्रक्रिया में कई कर्मचारी आज भी पदोन्नति और वित्तीय लाभों से वंचित हैं। उन्होंने केंद्रीय विवि अधिनियम-2009 की भावना के अनुरूप कर्मचारियों के सेवा हितों की रक्षा, शासन के विभिन्न शासनादेशों का लाभ सभी पात्र कर्मचारियों को देने, 1900 ग्रेड पे से 2400 ग्रेड पे तक के वित्तीय लाभ, वर्ष 2009 से 2017 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को काल्पनिक पदोन्नति (नोटशनल प्रमोशन) एवं पेंशन संबंधी लाभ देने आदि की मांग उठाई। परिषद का कहना है कि एलडीसी और यूडीसी पदों के अनुपात में भारी असंतुलन के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कुलपति से अनुरोध किया है कि इन सभी मांगों को प्रस्तावित रेशनलाइजेशन रिव्यू समिति, कार्यपरिषद, यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय के समक्ष विवि के अधिकृत पक्ष के रूप में रखा जाए, ताकि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो सके। (एजेंसी)