काशीरामपुर तल्ला की रामलीला में कुंभकरण वध का भी हुआ मंचन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : काशीरामपुर तल्ला में चल रही रामलीला के नौवें दिन मेघनाथ-लक्ष्मण संवाद, लक्ष्मण का शक्ति लगने से मूर्छित होना, हनुमान का सुसैन वैद्य को लाना, संजीवनी बूटी के लिए मलयगिरि पर्वत की ओर प्रस्थान और कुंभकरण वध के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।

काशीरामपुर तल्ला रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला का शुभारंभ सेवानिवृत्त कैप्टन गणेश जुयाल ने किया। मंचन के दौरान मेघनाथ और लक्ष्मण के बीच हुए भीषण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। युद्ध में मायावी मेघनाथ ने शक्ति का प्रयोग किया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित होकर रणभूमि में गिर पड़े। लक्ष्मण के मूर्छित होने से भगवान श्रीराम की सेना में मायूसी छा गई। इसके बाद हनुमान लंका पहुंचे और वहां से सुसैन वैद्य को अपने साथ लेकर आए। सुसैन वैद्य ने लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने को कहा। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी की तलाश में मलयगिरि पर्वत की ओर रवाना हुए। इस दौरान राक्षसी सेना की ओर से उन्हें रोकने और परेशान करने के प्रसंग का भी मंचन किया गया। रामलीला में कुंभकरण वध का प्रसंग भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। मंचन के दौरान कलाकारों के संवाद, अभिनय और युद्ध दृश्य को दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर डा. घनानंद शर्मा, कांति तिवारी, विवेक बनियाल, सोहन लाल गुप्ता, भीम सिंह बिष्ट, संजीव थपलियाल, दीवान सिंह रावत, दिनेश बौंठियाल, संदीप वर्मा सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।