सुखरौ नदी में खनन से हुए गड्ढ़ें में बने तालाब ने ले ली किशोर की जान

Spread the love

सुखरौ नदी में खनन से हुए गड्ढ़ें में बने तालाब ने ले ली किशोर की जान
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। कोटद्वार भाबर की नदियों खनन के कारण बनें गड्ढ़े बच्चों की लगातार जान ले रहे है। बुधवार को दोपहर में सुखरौ नदी में बनें गड्ढे ने 15 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ और पुलिस ने शव को बाहर निकाला। विगत 7 जून को खोह नदी में बनें गड्ढे में डूबने से चार बहनों के एकलौते भाई की मौत हो गई है। पिछले वर्ष भी खोह नदी में खनन के कारण बनें गड्ढ़े में दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार तीन बच्चे बुधवार दोपहर को 12 बजे सुखरौ नदी में नहाने गये थे। इसी दौरान खनन से नदी में हुए गहरे गड्ढे में एक बच्चा फंस गया। जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी विजय ने बताया कि हम चार बच्चे खूनीबड़ मंडी के पास सुखरौ नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान नया गांव बलभ्रदपुर निवासी 15 वर्षीय प्रियांशु पुत्र बहादुर एक चप्पल नदी में बह गया। प्रियांशु ने बोला कि उसके पिता डांटेगें इसलिए वह चप्पल निकालने नदी में चला गया। क्योंकि उसे तैरना भी आता था, लेकिन नदी में बने गहरे गड्ढे में फंसकर वह डूब गया। साथियों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और एसडीआरएफ को दी। सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ ने सर्च अभियान शुरू किया। सवा तीन बजे कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ ने नदी से प्रियांशु का शव बरामद किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रियांशु के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने बताया कि सुखरौ नदी में वर्तमान में चैनेलाइजेशन का काम चल रहा है। नदी के डाउन स्टीम पार्ट में डूबने से नया गांव बलभ्रदपुर निवासी 15 वर्षीय प्रियांशु पुत्र बहादुर की मौत हुई है। तहसीलदार और पुलिस की टीम जांच कर रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि नदी में जो रीवर चैनलाइजेशन का काम चल रहा है उसके मानक है। इसकी मॉनीटरिंग सिंचाई विभाग और भूतत्व खनी कर्म विभाग करता है। यह दोनों विभाग प्रतिदिन ज्वाइंट रिपोर्ट उपलब्ध कराते है। रिपोर्ट में बताया गया कि नदी में जो भी चैनलाइजेशन का काम चल रहा है उसमें कोई अनियमितता नहीं हो है। फिर भी दोनों विभागों को सर्तक निगाह रखने के लिए निर्देशित किया गया है। एसडीएम ने बताया कि लोगों के साथ ही पर्यटकों से लगातार अपील की जा रही है कि बरसात के समय नदी में जाये। बरसात के समय सर्तकता बरतना बहुत जरूरी है। वहीं
बता दें कि सुखरौ नदी में खनन के कारण गहरे-गहरे गड्ढ़े बनें हुए है। पिछले दिनों बारिश होने से इन गड्ढ़ों में पानी भरा हुआ है। जिस कारण अंदाजा नहीं लग पा रहा है कि कहां पर गड्ढा है और कहां पर नहीं। गड्ढ़ों में पानी भरा होने से छोटे-छोटे बच्चे बिना घर में बताये वहां नहाने के लिए चले जा रहे है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ज्ञातव्य हो कि विगत 7 जून को लकड़ीपड़ाव निवासी नसीम अब्बासी का 14 साल का बेटा मुंतसिफ की अग्निशमन कार्यालय के पास स्थित पुल के समीप खोह नदी में खनन से हुए गहरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!