मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को दिए सात मंत्र

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नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी ली और उन्घ्हें संगठन में काम करने के सात मंत्र बताए। पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संकट में हमारा सेवा का यह महायज्ञ रुकना नहीं जाहिए। महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई रुकनी नहीं चाहिए। कोरोना संकट में हमें खुद भी सावधानी रखनी है और दूसरों को भी जागरूक करते रहना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने राजनीति में सत्ता को सेवा का माध्यम माना है। हमने कभी भी सत्ता को अपने लाभ का माध्यम नहीं बनाया। दूसरों की सेवा ही हमारा संतोष है़.़ पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने साथ-शक्ति लेकर आगे बढ़ना चाहिए। 1- सेवाभाव, 2- संतुलन, 3- संयम, 4- समन्वय, 5- सकारात्मकता, 6- सद्भावना, 7- संवाद़.। उन्घ्होंने कहा कि इन दिनों इस कोरोना की लड़ाई में भरपूर रूप से इसका प्रभाव दिखाई दिया है। हमारे समाज में दूसरों के लिए कुछ करने की, सेवा भाव की बहुत बड़ी ताकत है। हमें समाज की इस ताकत को पूजने का कोई अवसर छोड़ना नहीं चाहिए। आपको संतोष होना चाहिए कि समाज ने हम सबको इस काम के लिए चुना है। सेवा करने के लिए ईश्वर ने हमें राह दिखाई है।
पीएम मोदी ने कहा कि जिस पार्टी के इतने सांसद हों, हजारों विधायक हों, फिर भी वह पार्टी और उसका कार्यकर्ता सेवा को प्राथमिकता दे, सेवा को ही अपना जीवन मंत्र माने, भाजपा के कार्यकर्ता के नाते मुझे बहुत गर्व होता है कि हम सब ऐसे संगठन के सदस्य हैं। हमारे लिए हमारा संगठन चुनाव जीतने की सिर्फ मशीन नहीं है, हमारे लिए हमारा संगठन का मतलब है सेवा.़ हमारे लिए हमारे संगठन का मतलब है- सबका साथ़.़ हमारे लिए हमारे संगठन का मतलब है- सबका सुख, सबकी समृद्घि.़ हमारा संगठन समाज हित के लिए काम करने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि एक आफत आई तो आपने उसको अवसर में बदल दिया। अवसर ये कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सकें, ज्यादा से ज्यादा लोगों की तकलीफ कम कर सकें, उन्हें इस मुसीबत से उबार सकें।
बिहार विधान परिषद के सभापति कोरोना पजिटिव
पटना, एजेंसी। बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह सपरिवार कोरोना संक्रमित पाए गए। उनके परिवार में पत्नी, उनके दो पुत्र और एक बहु एवं उनके आप्त सचिव को कोरोना जांच के बाद संक्रमित पाया गया। उन्होंने 30 जून को अपने आवास पर ही कोरोना जांच के लिए सैम्पल दिया था। इसकी रिपोर्ट आने के बाद उन्हें संक्रमित पाया गया। इसके बाद शनिवार को सभी को एम्स, पटना में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
नीतीश कुमार ने शनिवार को स्वयं पहल कर अपना कोरोना (कोविड-19) जांच कराया है। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अघ्वधेश नारायण सिंह के साथ हाल ही में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पजिटिव होने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना जांच कराया। साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने नजदीक काम करने वाले अधिकारियों को भी कोविड-19 जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अधिकारियों ने भी अपना जांच कराया है। चिकित्सकीय प्रोटोकल के अनुसार सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। गत एक जुलाई को विधान सभा कोटे नवनिर्वाचित नौ विधान पाष्रदों को उनकी जीत के बाद विधान परिषद में शपथ दिलाई गई थी। इसमें मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी समेत कई जाने-माने राजनेताओं की शिरकत रही थी।

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