हिमाचल में मानसून का कहर: किन्नौर में बाढ़ जैसे हालात, लिप्पा का 100 फीट लोहे का पुल डूबा

Spread the love

13 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, एनएच-5 भूस्खलन से बाधित; 15 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट
शिमला, हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। किन्नौर जिले में भारी वर्षा के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने हालात गंभीर बना दिए हैं। लिप्पा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से करीब 100 फीट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे गांव का अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। सिरमौर जिले के लिए गुरुवार को भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया।
किन्नौर की लिप्पा पंचायत के पेजर नाले में आई भीषण बाढ़ से टेटी खड्ड का बहाव बाधित हो गया। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण लोहे का पुल पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया। पुल के आसपास स्थित 10 से 12 मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
किन्नौर की जीवनरेखा माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर मलिंग नाला के पास भारी भूस्खलन से सड़क पर बड़ी-बड़ी चट्टानें आ गिरीं, जिससे राजमार्ग बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
उपमंडल कल्पा की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने से तीन मकानों, एक गोशाला और कुछ बगीचों को नुकसान पहुंचा। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 13 परिवारों को सुरक्षित स्थान जीरा फार्म में स्थानांतरित कर उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों को तैनात किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सोलन जिले में कसौली के निकट शिलर-पठिया लिंक रोड भी मलबा गिरने से बंद हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को नाहन में सबसे अधिक 89.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सोलन में 46.8, जोत में 45.2, मलरोन में 41, सराहन में 38.7, पांवटा साहिब में 34.4, कल्पा में 29.9, बिलासपुर में 24.8 तथा शिमला में 23.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के समीप न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *