एसएसजे विश्वविद्यालय और पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा और पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक एलएलपी, काशीपुर के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान पारस्परिक सहयोग और शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। एमओयू के तहत शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों में सहयोग, विद्वानों और वैज्ञानिक कर्मचारियों के आदान-प्रदान, शैक्षणिक सामग्री साझा करने तथा छात्रों और शोधार्थियों को शोध सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। समझौते के अनुसार शोधार्थी क्षेत्र आधारित और प्रयोगशाला आधारित अनुसंधान कार्य कर सकेंगे। साथ ही पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक एलएलपी के वैज्ञानिकों को वानिकी, जीव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और अन्य जीव विज्ञान विषयों के स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में सह-पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता दी जाएगी। कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि इस समझौते से शोधार्थियों को कार्बन पृथक्करण, जैव उर्वरक, अपशिष्ट जल उपचार और जैव ईंधन जैसी क्षेत्रीय पर्यावरणीय समस्याओं पर शोध करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अकादमिक सदस्यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डीन एकेडमिक एवं वानिकी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार यादव ने कहा कि दोनों संस्थान संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम, सम्मेलन, सेमिनार, संगोष्ठी, व्याख्यान और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन कर सकेंगे। इसके अलावा विज्ञान से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए मानव संसाधनों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। एमओयू के तहत वानिकी, पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जैव विविधता के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों और प्रकाशनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक एलएलपी, काशीपुर की ओर से निदेशक भुवन चंद्र बेलवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आर.सी. मौर्य, डॉ. ललित चंद्र जोशी और डॉ. अरुण कलखुंडिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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