जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विभागीय कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरते जाने का आरोप लगाते हुए पर्वतीय ठेकेदार संघ ने नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव में स्थानीय ठेकेदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और बाहरी ठेकेदारों को अनुचित लाभ दिया जा रहा है।
संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में ठेकेदार तहसील परिसर पहुंचे और उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि विभागों की ओर से पंजीकृत पात्र ठेकेदारों को निविदाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे वे टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित हो रहे हैं। ठेकेदारों ने जिला योजना और राज्य योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी सभी पंजीकृत ठेकेदारों को उपलब्ध कराने, निविदा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बड़ी धनराशि के कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर निविदाएं आमंत्रित की जाएं, ताकि स्थानीय ठेकेदारों को भी अवसर मिल सके। इसके अलावा निविदा की हार्ड कॉपी जमा करने पर तत्काल लिखित रसीद उपलब्ध कराने और विभागीय कार्यालयों में ठेकेदारों के बैठने की उचित व्यवस्था की मांग भी रखी गई। इस अवसर पर भाष्कर बड़थ्वाल, आशीष रावत, जयप्रकाश रावत, राजीव कोठारी, विपिन बिष्ट, मोहन प्रसाद आदि मौजूद थे।